कृषि कानून: गोयल बोले- किसान आंदोलन के समाधान से यूपी चुनाव का संबंध नहीं, फिर बनेगी भाजपा सरकार

पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Fri, 12 Nov 2021 12:03 AM IST

सार

एमएसपी को लेकर गोयल ने कहा कि सरकार ने विभिन्न फसलों के एमएसपी में उल्लेखनीय वृद्धि की है और रिकॉर्ड मात्रा में गेहूं और धान की खरीद भी कर रही है और सरकार ने संसद में स्पष्ट रूप से कहा है कि एमएसपी प्रणाली पहले की तरह जारी रहेगी और इसे रोका नहीं जाएगा।

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कृषि कानून वापसी को लेकर चल रहे किसान आंदोलन का अभी तक कोई हल नहीं निकला है। इस बीच कई प्रदेशों में चुनाव भी होने हैं। जिसको लेकर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार तीन नए कृषि कानूनों पर प्रदर्शन कर रहे किसानों से बात करने के लिए तैयार है।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसान आंदोलन के समाधान का उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों से संबंध नहीं है। साथ ही उन्होंने यह विश्वास व्यक्त किया कि भाजपा अपने सहयोगियों के साथ राज्य में फिर से सरकार बनाएगी।

कृषि कानून का हल जल्द चाहती है सरकार
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल एक मीडिया चैनल के कार्यक्रम में भाग ले रहे थे, तब वहां उनसे ये सवाल पूछा कि क्या केंद्र सरकार के लिए दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे किसान विरोध का हल करना जरूरी नहीं है, इसका असर उत्तर प्रदेश में भाजपा की चुनावी संभावनाओं पर पड़ सकता है।

उन्होंने जवाब दिया कि उत्तर प्रदेश में चुनाव के नतीजे अच्छे आएंगे। भाजपा अपने सहयोगियों के साथ वहां फिर से एक बार पूरे बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। इसके अलावा, गोयल ने कहा कि किसानो के आंदोलन को हल करना कोई यूपी के चुनाव से संबंध विषय नहीं है, वो तो हम वैसा ही करना चाहते हैं, जल्दी से जल्द करना चाहते हैं। 

किसानों को चर्चा के लिए आगे आना चाहिए
आगे उन्होंने कहा कि किसानों के साथ हम तो कल तैयार हैं बातचीत करने के लिए उन्होंने जोर देकर कहा कि किसानों के विरोध का हल उत्तर प्रदेश चुनाव से बिल्कुल भी संबंधित नहीं है। गोयल ने कहा कि विरोध करने वाले किसानों को चर्चा के लिए आगे आना चाहिए, लेकिन यह कुछ तथ्यों और तर्कों पर आधारित होना चाहिए।

बता दें कि नए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर पिछले नवंबर से हजारों किसान दिल्ली की सीमाओं पर डेरा डाले हुए हैं। कई बार किसानों की पुलिस के साथ झड़प हुई, इस क्रम में लालकिले की घटना भी हुई। लेकिन किसान अभी भी दिल्ली बार्डर पर टिके हुए हैं। इसका संचालन कुछ किसान संगठनों द्वारा किया जा रहा है।

विस्तार

कृषि कानून वापसी को लेकर चल रहे किसान आंदोलन का अभी तक कोई हल नहीं निकला है। इस बीच कई प्रदेशों में चुनाव भी होने हैं। जिसको लेकर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार तीन नए कृषि कानूनों पर प्रदर्शन कर रहे किसानों से बात करने के लिए तैयार है।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसान आंदोलन के समाधान का उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों से संबंध नहीं है। साथ ही उन्होंने यह विश्वास व्यक्त किया कि भाजपा अपने सहयोगियों के साथ राज्य में फिर से सरकार बनाएगी।

कृषि कानून का हल जल्द चाहती है सरकार

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल एक मीडिया चैनल के कार्यक्रम में भाग ले रहे थे, तब वहां उनसे ये सवाल पूछा कि क्या केंद्र सरकार के लिए दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे किसान विरोध का हल करना जरूरी नहीं है, इसका असर उत्तर प्रदेश में भाजपा की चुनावी संभावनाओं पर पड़ सकता है।

उन्होंने जवाब दिया कि उत्तर प्रदेश में चुनाव के नतीजे अच्छे आएंगे। भाजपा अपने सहयोगियों के साथ वहां फिर से एक बार पूरे बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। इसके अलावा, गोयल ने कहा कि किसानो के आंदोलन को हल करना कोई यूपी के चुनाव से संबंध विषय नहीं है, वो तो हम वैसा ही करना चाहते हैं, जल्दी से जल्द करना चाहते हैं। 

किसानों को चर्चा के लिए आगे आना चाहिए

आगे उन्होंने कहा कि किसानों के साथ हम तो कल तैयार हैं बातचीत करने के लिए उन्होंने जोर देकर कहा कि किसानों के विरोध का हल उत्तर प्रदेश चुनाव से बिल्कुल भी संबंधित नहीं है। गोयल ने कहा कि विरोध करने वाले किसानों को चर्चा के लिए आगे आना चाहिए, लेकिन यह कुछ तथ्यों और तर्कों पर आधारित होना चाहिए।

बता दें कि नए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर पिछले नवंबर से हजारों किसान दिल्ली की सीमाओं पर डेरा डाले हुए हैं। कई बार किसानों की पुलिस के साथ झड़प हुई, इस क्रम में लालकिले की घटना भी हुई। लेकिन किसान अभी भी दिल्ली बार्डर पर टिके हुए हैं। इसका संचालन कुछ किसान संगठनों द्वारा किया जा रहा है।

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