क्रिप्टोकरेंसी पर रिजर्व बैंक गवर्नर शक्तिकांत दास ने फिर जताई चिंता, देश की आर्थिक स्थिति पर दिया बयान

क्रिप्टोकरेंसी पर रिजर्व बैंक गवर्नर ने फिर चिंता जताई है। सोमवार को ही यह खबर थी कि वित्त पर संसद की स्थायी समिति ने क्रिप्टोकरेंसी के तमाम पहलुओं को लेकर हितधारकों के साथ चर्चा की जिसमें कई सदस्यों ने इसपर पूर्ण प्रतिबंध के बजाय इसके नियमन की जरूरत बताई।

मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने एक सप्ताह में दूसरी बार क्रिप्टोकरेंसी पर चिंता जताते हुए मंगलवार को कहा कि इस तरह की आभासी मुद्राओं से देश की आर्थिक एवं वित्तीय स्थिरता को लेकर कई गहरी चिंताएं जुड़ी हुई हैं।
दास का यह बयान क्रिप्टोकरेंसी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक के चंद दिनों बाद आया है। उस बैठक में क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े जोखिमों को लेकर गहरी चिंता जताई गई थी। सोमवार को ही यह खबर थी कि वित्त पर संसद की स्थायी समिति ने क्रिप्टोकरेंसी के तमाम पहलुओं को लेकर हितधारकों के साथ चर्चा की जिसमें कई सदस्यों ने इसपर पूर्ण प्रतिबंध के बजाय इसके नियमन की जरूरत बताई।

इसे भी पढ़ें: उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों का बकाया घटकर 3,895 करोड़,पीयूष गोयल ने दी जानकारी

ऐसी चर्चा है कि सरकार संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में क्रिप्टोकरेंसी पर एक विधेयक ला सकती है।
रिजर्व बैंक गवर्नर ने आठवें एसबीआई बैंकिंग एवं आर्थिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े गहरे मुद्दों पर गहन विमर्श की जरूरत है। दास ने कहा, ‘‘आंतरिक विमर्श के बाद आरबीआई की यह राय है कि वृहत आर्थिक एवं वित्तीय स्थिरता पर गंभीर चिंताएं हैं और इनके बारे में गहन चर्चा करने की जरूरत है।’’
दास ने चलन में मौजूद क्रिप्टोकरेंसी की मात्रा पर संदेह जताते हुए कहा कि निवेशकों को इसके जरिये लुभाने की कोशिश की जा रही है। क्रिप्टो खाते खोलने के लिए ऋण भी दिए जा रहे हैं।

Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Source link

Leave a Comment