दरबार मूव: उपराज्यपाल आठ नवंबर से जम्मू सचिवालय में करेंगे कामकाज, राजभवन की साज-सज्जा का काम पूरा 

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: विमल शर्मा
Updated Sat, 06 Nov 2021 12:37 AM IST

सार

राजभवन का स्टाफ और अफसर पहुंच चुके हैं जम्मू, प्रशासनिक सचिव जरूरत के हिसाब से जम्मू व श्रीनगर नागरिक सचिवालय मूव करते रहेंगे। 

जम्मू में सचिवालय आने की तैयारियों के चलते करवाया जा रहा रंगरोगन।
– फोटो : निखिल मेहता

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उपराज्यपाल मनोज सिन्हा सोमवार आठ नवंबर से जम्मू स्थित राजभवन के साथ-साथ नागरिक सचिवालय से कामकाज शुरू करेंगे। परिवार के साथ दिवाली मनाकर उपराज्यपाल शनिवार को जम्मू पहुंच जाएंगे। राजभवन का स्टाफ और अफसर पहले ही जम्मू पहुंच चुके हैं। 
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार नागरिक सचिवालय व राजभवन की साज-सज्जा का काम पूरा कर लिया गया है। जो अधिकारी श्रीनगर से जम्मू शिफ्ट किए गए हैं, उनके लिए आवासीय क्वार्टरों की साज-सज्जा का काम भी अंतिम चरण में है। 

सचिवालय के कर्मचारियों के मामले में इस बार दरबार मूव नहीं है, लेकिन प्रशासनिक सचिव जरूरत के हिसाब से जम्मू व श्रीनगर नागरिक सचिवालय मूव करते रहेंगे। जम्मू नागरिक सचिवालय में कामकाज सुचारु रूप से चले इसके लिए पांच सौ से ज्यादा कर्मचारियों को जम्मू नागरिक सचिवालय में विभिन्न विभागों से शिफ्ट किया गया है। बता दें कि सचिवालय के सभी कर्मचारियों के मामले में दरबार मूव की परंपरा बंद होने से प्रदेश सरकार को सालाना करीब 200 करोड़ की बचत होगी।

सरकारी आवास आवंटन की नए सिरे से किराया, लाइसेंस फीस निर्धारित होगी 
सचिवालय मूव के दौरान विभागीय जरूरत के मुताबिक मूव करने वाले सरकारी कर्मचारियों के लिए सरकारी आवास आवंटन के लिए किराया और लाइसेंस फीस नए सिरे से निर्धारित की जाएगी। इससे पहले एस्टेट विभाग की ओर से कर्मियों को अस्थायी तौर या छह माह की अवधि के लिए आवास आवंटन किए जाते थे। लेकिन सरकार ने दरबार मूव की प्रक्रिया रोकने पर पूर्व के सभी आवास आवंटन को रद्द कर दिया था। 

एस्टेट विभाग ने सामान्य प्रशासनिक विभाग के संशोधित आदेश का हवाला देते हुए कहा कि अलाटी आवास के लिए उपनिदेशक एस्टेट जम्मू से ताजा लाइसेंस डीड करेगा। इसमें सभी जरूरी औपचारिकताओं को पूरा किया जाएगा। लेकिन इसमें दिखाना होगा कि उसके परिवार के किसी सदस्य के पास कोई सरकारी आवास या जम्मू शहर में अपना मकान तो नहीं है। उपनिदेशक एस्टेट जम्मू की ओर से सभी सत्यापन के बाद ही अलाटी को सरकारी आवास आवंटन किया जाएगा।

विस्तार

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा सोमवार आठ नवंबर से जम्मू स्थित राजभवन के साथ-साथ नागरिक सचिवालय से कामकाज शुरू करेंगे। परिवार के साथ दिवाली मनाकर उपराज्यपाल शनिवार को जम्मू पहुंच जाएंगे। राजभवन का स्टाफ और अफसर पहले ही जम्मू पहुंच चुके हैं। 

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार नागरिक सचिवालय व राजभवन की साज-सज्जा का काम पूरा कर लिया गया है। जो अधिकारी श्रीनगर से जम्मू शिफ्ट किए गए हैं, उनके लिए आवासीय क्वार्टरों की साज-सज्जा का काम भी अंतिम चरण में है। 

सचिवालय के कर्मचारियों के मामले में इस बार दरबार मूव नहीं है, लेकिन प्रशासनिक सचिव जरूरत के हिसाब से जम्मू व श्रीनगर नागरिक सचिवालय मूव करते रहेंगे। जम्मू नागरिक सचिवालय में कामकाज सुचारु रूप से चले इसके लिए पांच सौ से ज्यादा कर्मचारियों को जम्मू नागरिक सचिवालय में विभिन्न विभागों से शिफ्ट किया गया है। बता दें कि सचिवालय के सभी कर्मचारियों के मामले में दरबार मूव की परंपरा बंद होने से प्रदेश सरकार को सालाना करीब 200 करोड़ की बचत होगी।

सरकारी आवास आवंटन की नए सिरे से किराया, लाइसेंस फीस निर्धारित होगी 

सचिवालय मूव के दौरान विभागीय जरूरत के मुताबिक मूव करने वाले सरकारी कर्मचारियों के लिए सरकारी आवास आवंटन के लिए किराया और लाइसेंस फीस नए सिरे से निर्धारित की जाएगी। इससे पहले एस्टेट विभाग की ओर से कर्मियों को अस्थायी तौर या छह माह की अवधि के लिए आवास आवंटन किए जाते थे। लेकिन सरकार ने दरबार मूव की प्रक्रिया रोकने पर पूर्व के सभी आवास आवंटन को रद्द कर दिया था। 

एस्टेट विभाग ने सामान्य प्रशासनिक विभाग के संशोधित आदेश का हवाला देते हुए कहा कि अलाटी आवास के लिए उपनिदेशक एस्टेट जम्मू से ताजा लाइसेंस डीड करेगा। इसमें सभी जरूरी औपचारिकताओं को पूरा किया जाएगा। लेकिन इसमें दिखाना होगा कि उसके परिवार के किसी सदस्य के पास कोई सरकारी आवास या जम्मू शहर में अपना मकान तो नहीं है। उपनिदेशक एस्टेट जम्मू की ओर से सभी सत्यापन के बाद ही अलाटी को सरकारी आवास आवंटन किया जाएगा।

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