दिल्ली: 19 महीने बाद आज से खुलेंगे पहली से आठवीं तक के स्कूल, अभिभावकों को अपनी मर्जी से बच्चे भेजने की छूट

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Mon, 01 Nov 2021 12:26 AM IST

सार

डीडीएमए के आदेश के अनुसार बच्चों को स्कूल भेजने के लिए अभिभावकों को बाध्य नहीं किया जाएगा। कुछ निजी स्कूलों ने दिवाली के बाद खोलने का निर्णय लिया है।

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राजधानी में कोरोना महामारी के कारण 19 महीने बाद आज से पहली से लेकर आठवी कक्षा तक निजी और सरकारी स्कूल खुलेंगे। हालांकि, स्कूल खुलने के बाद भी ऑनलाइन कक्षाएं जारी रहेंगी। कोई भी स्कूल अभिभावकों पर बच्चों के स्कूल भेजने के लिए दबाव नहीं बनाएगा। अभिभावक अपनी मर्जी से बच्चों को स्कूल भेजेंगे। इसके लिए उन्हें स्कूल की ओर से भेजे गए गूगल फॉर्म पर सहमति देनी होगी। 

बीते सप्ताह दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की ओर से एक नवंबर से सभी निजी और सरकारी स्कूल खोलने के लिए आदेश जारी किया गया था। डीडीएमए ने आदेश में कहा था कि स्कूलों को कक्षा में 50 फीसदी  से अधिक उपस्थिति नहीं हो, इसे सुनिश्चित करना होगा। आदेश के बाद निजी स्कूल अभिभावकों को सहमति प्रपत्र भेजने की प्रक्रिया में हैं। 

वहीं, त्योहारी सीजन को देखते हुए कुछ स्कूल दिवाली के बाद अपनी कार्ययोजना तय करेंगे। मयूर विहार स्थित विद्या बाल भवन स्कूल के प्रिंसिपल डॉ. सतबीर ने कहा कि अभिभावकों को सहमति पत्र भेज दिया गया है।  लेकिन, अधिकांश अभिभावकों की ओर से सहमति पत्र पर स्वीकृति नहीं  मिली है। वहीं, जिन अभिभावकों का सहमति पत्र मिला है, उन्होंने छठ पूजा के बाद स्कूल खोलने की मांग की है। 

रोहिणी स्थित एमआरजी स्कूल की ओर से बताया गया कि स्कूल वैक्सिन की दोनों डोज ले चुके कर्मचारियों का इंतजार कर रहा है। वहीं, मॉडर्न पब्लिक स्कूल, डीएवी पब्लिक स्कूल, इंडियन स्कूल और पीतमपुरा स्थित बाल भारती स्कूल दिवाली के बाद खुलेंगे।

केवल 50 फीसदी क्षमता के साथ खुलेंगे स्कूल
डीडीएमए के ओर से जारी किए आदेश के मुताबिक, कक्षाओं में सिर्फ 50 फीसदी छात्रों को बैठने की ही अनुमति होगी। इसके अलावा अनिवार्य थर्मलस्क्रीनिंग, अलग-अलग लंच ब्रेक, बैठने की वैकल्पिक व्यवस्था और नियमित अतिथि आगमन से बचने के दिशा-निर्देश हैं। डीडीएमए के मुताबिक, कंटेनमेंट जोन में रहने वाले छात्र, शिक्षक और गैर-शिक्षण कर्मचारी को स्कूलों में नहीं आने दिया जाएगा। साथ ही स्कूल में राशन वितरण व टीकाकरण क्षेत्र से  शैक्षणिक गतिविधियों को अलग रखा जाएगा।

सितंबर में खुल चुके हैं कक्षा 9वीं से 12वीं के स्कूल
पिछले साल मार्च में स्कूल बंद करने का आदेश जारी होने के बाद। इस वर्ष जनवरी में सरकार ने कक्षा 9वीं  से 12वीं तक स्कूल खोलने की अनुमति दी थी। लेकिन, कोरोना के कारण हालात बिगड़ने पर स्कूलों को बंद करना पड़ा था। इसके बाद सितंबर में दोबारा से स्कूलों को 50 फीसदी क्षमता के साथ खुलने की अनुमति मिली थी। 

विस्तार

राजधानी में कोरोना महामारी के कारण 19 महीने बाद आज से पहली से लेकर आठवी कक्षा तक निजी और सरकारी स्कूल खुलेंगे। हालांकि, स्कूल खुलने के बाद भी ऑनलाइन कक्षाएं जारी रहेंगी। कोई भी स्कूल अभिभावकों पर बच्चों के स्कूल भेजने के लिए दबाव नहीं बनाएगा। अभिभावक अपनी मर्जी से बच्चों को स्कूल भेजेंगे। इसके लिए उन्हें स्कूल की ओर से भेजे गए गूगल फॉर्म पर सहमति देनी होगी। 

बीते सप्ताह दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की ओर से एक नवंबर से सभी निजी और सरकारी स्कूल खोलने के लिए आदेश जारी किया गया था। डीडीएमए ने आदेश में कहा था कि स्कूलों को कक्षा में 50 फीसदी  से अधिक उपस्थिति नहीं हो, इसे सुनिश्चित करना होगा। आदेश के बाद निजी स्कूल अभिभावकों को सहमति प्रपत्र भेजने की प्रक्रिया में हैं। 

वहीं, त्योहारी सीजन को देखते हुए कुछ स्कूल दिवाली के बाद अपनी कार्ययोजना तय करेंगे। मयूर विहार स्थित विद्या बाल भवन स्कूल के प्रिंसिपल डॉ. सतबीर ने कहा कि अभिभावकों को सहमति पत्र भेज दिया गया है।  लेकिन, अधिकांश अभिभावकों की ओर से सहमति पत्र पर स्वीकृति नहीं  मिली है। वहीं, जिन अभिभावकों का सहमति पत्र मिला है, उन्होंने छठ पूजा के बाद स्कूल खोलने की मांग की है। 

रोहिणी स्थित एमआरजी स्कूल की ओर से बताया गया कि स्कूल वैक्सिन की दोनों डोज ले चुके कर्मचारियों का इंतजार कर रहा है। वहीं, मॉडर्न पब्लिक स्कूल, डीएवी पब्लिक स्कूल, इंडियन स्कूल और पीतमपुरा स्थित बाल भारती स्कूल दिवाली के बाद खुलेंगे।

केवल 50 फीसदी क्षमता के साथ खुलेंगे स्कूल

डीडीएमए के ओर से जारी किए आदेश के मुताबिक, कक्षाओं में सिर्फ 50 फीसदी छात्रों को बैठने की ही अनुमति होगी। इसके अलावा अनिवार्य थर्मलस्क्रीनिंग, अलग-अलग लंच ब्रेक, बैठने की वैकल्पिक व्यवस्था और नियमित अतिथि आगमन से बचने के दिशा-निर्देश हैं। डीडीएमए के मुताबिक, कंटेनमेंट जोन में रहने वाले छात्र, शिक्षक और गैर-शिक्षण कर्मचारी को स्कूलों में नहीं आने दिया जाएगा। साथ ही स्कूल में राशन वितरण व टीकाकरण क्षेत्र से  शैक्षणिक गतिविधियों को अलग रखा जाएगा।

सितंबर में खुल चुके हैं कक्षा 9वीं से 12वीं के स्कूल

पिछले साल मार्च में स्कूल बंद करने का आदेश जारी होने के बाद। इस वर्ष जनवरी में सरकार ने कक्षा 9वीं  से 12वीं तक स्कूल खोलने की अनुमति दी थी। लेकिन, कोरोना के कारण हालात बिगड़ने पर स्कूलों को बंद करना पड़ा था। इसके बाद सितंबर में दोबारा से स्कूलों को 50 फीसदी क्षमता के साथ खुलने की अनुमति मिली थी। 

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