शीतकालीन सत्र: सोनिया गांधी ने किया रणनीति पर मंथन, संसद में किसान आंदोलन, एमएसपी जैसे मुद्दे उठाएगी कांग्रेस

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: मुकेश कुमार झा
Updated Thu, 25 Nov 2021 08:01 PM IST

सार

Congress parliamentary group meet: कांग्रेस संसदीय दल की बैठक में 29 नवंबर से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र में कौन कौन से मुद्दे उठाए जाएं, इसको लेकर चर्चा होगी।

सोनिया गांधी ने की बैठक
– फोटो : ANI

ख़बर सुनें

कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता आज एक अहम बैठक के लिए कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास 10 जनपथ पहुंचे। वरिष्ठ नेता एके एंटनी, आनंद शर्मा, मल्लिकार्जुन खड़गे, अधीर रंजन चौधरी, के सी वेणुगोपाल, के सुरेश, रवनीत बिट्टू, जयराम रमेश 10 जनपथ पहुंचे। बताया जा रहा है कि इस बैठक में संसद में पार्टी की रणनीति पर मंथन होगा।  

कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने बताया कि 29 नवंबर से शुरू होने वाले शीतकालीन सत्र को लेकर बैठक की गई। हम सत्र में किन-किन विषयों को उठाएंगे इसपर चर्चा हुई। कांग्रेस किसान, MSP व लखीमपुर खीरी की घटना को सत्र में लाएगी। विपक्षी पार्टियों के साथ एकजुट होकर लोगों के मुद्दें सदन में उठाएंगे।
 

शीतकालीन सत्र के मुद्दों पर होगी चर्चा 
इस बैठक में 29 नवंबर से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र में कौन कौन से मुद्दे उठाए जाएंगे, इसको लेकर चर्चा हुई। इससे पहले सोमवार को कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा था कि हम संसद के शीतकालीन सत्र में महंगाई का मुद्दा उठाएंगे। इसके अलावा कोरोना से मरने वालों के परिजनों को चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने को लेकर भी चर्चा की जाएगी। इसके अलावा कृषि कानूनों की वापसी के मुद्दे पर भी चर्चा होने की संभावना है। 

उन्होंने कहा कि कांग्रेस न सिर्फ संसद के शीतकालीन सत्र में बल्कि सार्वजनिक मंचों पर भी ‘कोरोना प्रबंधन’ का मुद्दा उठाने की योजना बना रही है। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को पत्र लिखकर कोरोना पीड़ितों को मुआवजे देने की मांग कर रहे हैं। हर राज्य के कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) के नेता भी राज्य में अपने-अपने मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखेंगे जहां कांग्रेस सत्ता में नहीं है।

चार लाख देना होगा- राहुल गांधी
बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा था, ‘पार्टी की दो मांग हैं। पहला, कोरोना मृतकों के सही आंकड़े बताए जाएं। और दूसरा अपने प्रियजनों को कोरोना में खो चुके परिवारों को चार लाख हर्जाना दिया जाए। सरकार हो तो जनता का दुख दूर करना होगा, हर्जाना मिलना चाहिए।’

विस्तार

कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता आज एक अहम बैठक के लिए कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास 10 जनपथ पहुंचे। वरिष्ठ नेता एके एंटनी, आनंद शर्मा, मल्लिकार्जुन खड़गे, अधीर रंजन चौधरी, के सी वेणुगोपाल, के सुरेश, रवनीत बिट्टू, जयराम रमेश 10 जनपथ पहुंचे। बताया जा रहा है कि इस बैठक में संसद में पार्टी की रणनीति पर मंथन होगा।  

कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने बताया कि 29 नवंबर से शुरू होने वाले शीतकालीन सत्र को लेकर बैठक की गई। हम सत्र में किन-किन विषयों को उठाएंगे इसपर चर्चा हुई। कांग्रेस किसान, MSP व लखीमपुर खीरी की घटना को सत्र में लाएगी। विपक्षी पार्टियों के साथ एकजुट होकर लोगों के मुद्दें सदन में उठाएंगे।

 

शीतकालीन सत्र के मुद्दों पर होगी चर्चा 

इस बैठक में 29 नवंबर से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र में कौन कौन से मुद्दे उठाए जाएंगे, इसको लेकर चर्चा हुई। इससे पहले सोमवार को कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा था कि हम संसद के शीतकालीन सत्र में महंगाई का मुद्दा उठाएंगे। इसके अलावा कोरोना से मरने वालों के परिजनों को चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने को लेकर भी चर्चा की जाएगी। इसके अलावा कृषि कानूनों की वापसी के मुद्दे पर भी चर्चा होने की संभावना है। 

उन्होंने कहा कि कांग्रेस न सिर्फ संसद के शीतकालीन सत्र में बल्कि सार्वजनिक मंचों पर भी ‘कोरोना प्रबंधन’ का मुद्दा उठाने की योजना बना रही है। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को पत्र लिखकर कोरोना पीड़ितों को मुआवजे देने की मांग कर रहे हैं। हर राज्य के कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) के नेता भी राज्य में अपने-अपने मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखेंगे जहां कांग्रेस सत्ता में नहीं है।

चार लाख देना होगा- राहुल गांधी

बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा था, ‘पार्टी की दो मांग हैं। पहला, कोरोना मृतकों के सही आंकड़े बताए जाएं। और दूसरा अपने प्रियजनों को कोरोना में खो चुके परिवारों को चार लाख हर्जाना दिया जाए। सरकार हो तो जनता का दुख दूर करना होगा, हर्जाना मिलना चाहिए।’



Source link

Leave a Comment