सतर्कता: कानपुर में जीका के तीन मरीज मिलने से यूपी में निगरानी बढ़ाने के निर्देश, केरल व राजस्थान से आने वालों की होगी जांच

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Vikas Kumar
Updated Sat, 30 Oct 2021 09:37 PM IST

सार

स्वास्थ्य महानिदेशक ने सभी सीएमओ को निर्देश दिया है कि डेंगू, बुखार वाले मरीजों की लक्षण के आधार पर जीका की जांच कराई जाए। साथ ही बचाव कार्य के लिए अभियान चलाया जाए।

ख़बर सुनें

कानपुर में जीका वायरस के तीन नए मरीज मिले हैं। अब यहां कुल मरीजों की संख्या चार हो गई है। ऐसे में प्रदेशभर में निगरानी बढ़ा दी गई है। केरल व राजस्थान से आने वाले लोगों के बुखार होने पर डेंगू के साथ जीका की भी जांच कराई जाएगी। कानपुर में तीन किलोमीटर के दायरे में कंटेनमेंट जोन बनाने के निर्देश दिए गए हैं।

कानपुर में 15 दिन पहले एक मरीज में जीका वायरस की पुष्टि हुई थी। इसके बाद चार सौ मीटर के दायरे में रहने वाले और पॉजिटिव मरीज के सीधे संपर्क में आने वालों की जांच कराई गई। कानपुर से भेजे गए 510 सैंपल की केजीएमयू की माइक्रोबायोलॉजी विभाग की लैब में जांच हुई, जिसमें तीन मरीजों के सैंपल में जीका वायरस की पुष्टि हुई है। अब कानपुर में तीन किलोमीटर में दायरे में कंटेनमेंट जोन बनाकर हर व्यक्ति की स्क्रीनिंग की जाएगी। बुखार वाले मरीजों की जीका वायरस की जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। 

महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ. वेदव्रत सिंह ने कानपुर में विशेष निगरानी के निर्देश दिए हैं। यहां पॉजिटिव पाए गए मरीज जिन इलाके में गए हैं, वहां के बारे में भी जानकारी जुटाने के लिए कहा गया है। तीन किलोमीटर के दायरे को प्रभावित क्षेत्र घोषित कर दिया गया है। इस क्षेत्र में जिन्हें भी बुखार होगा, उनकी जीका से संबंधित जांच कराई जाएगी। इसी तरह अन्य जिलों के सीएमओ व सीएमएस को बुखार के मरीजों की स्क्रीनिंग बढ़ाने, लक्षण होने पर जीका वायरस की जांच के लिए सैंपल भेजने के निर्देश दिए हैं।

हर जिले को रैपिड रिस्पांस टीम तैना करने के निर्देश
स्वास्थ्य महानिदेशक ने सभी सीएमओ को निर्देश दिया है कि तत्काल रैपिड रिस्पांस टीम तैयार कर ली जाए। जहां डेंगू जैसे लक्षण वाले मरीजों की संख्या अधिक है, वहां लोगों की डेंगू संबंधित जांच कराने के साथ ही कुछ सैंपल जीका के लिए भी भेजे जाएंगे। इस रैंडम सर्वे के जरिए यह जानकारी मिलेगी कि कहीं संबंधित इलाके में जीका का असर तो नहीं है। इसी तरह गर्भवती महिलाओं में बुखार होने पर निगरानी करने, न्यूरोलॉजिकल डिस्आर्डर होने पर निगरानी करने और जरूरत के मुताबिक जांच कराने, गुलियन बेरे सिंड्रोम (जीबीएम) के संदिग्ध मरीजों की निगरानी करने और लक्षण के आधार पर जीका वायरस की जांच कराने के निर्देश दिए हैं।

विदेश या दूसरे राज्य से आने वालों की होगी जांच
कानपुर में जीका वायरस के मरीजों की संख्या चार होने के बाद विदेश से आने वालों की स्क्रीनिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी तरह केरल सहित अन्य राज्यों से आने वालों की भी निगरानी की जाएगी। जिन लोगों में बुखार, सिरदर्द, क मजोरी, मांसपेशी व जोड़ में दर्द, आंख में लालिमा के साथ दक्षिण के राज्यों से यात्रा कर लौटने का बात सामने आएगी, उनकी जीका वायरस से जुडी जांच भी कराई जाएगी। बुखार प्रभावित इलाके में एडीज मच्छर के प्रजनन जांच अभियान, परिवारों को जागरूक करने, लार्वा नष्ट कराने के लिए दवा छिड़काव सहित अन्य गतिविधियां चलाई जाएंगी।

विस्तार

कानपुर में जीका वायरस के तीन नए मरीज मिले हैं। अब यहां कुल मरीजों की संख्या चार हो गई है। ऐसे में प्रदेशभर में निगरानी बढ़ा दी गई है। केरल व राजस्थान से आने वाले लोगों के बुखार होने पर डेंगू के साथ जीका की भी जांच कराई जाएगी। कानपुर में तीन किलोमीटर के दायरे में कंटेनमेंट जोन बनाने के निर्देश दिए गए हैं।

कानपुर में 15 दिन पहले एक मरीज में जीका वायरस की पुष्टि हुई थी। इसके बाद चार सौ मीटर के दायरे में रहने वाले और पॉजिटिव मरीज के सीधे संपर्क में आने वालों की जांच कराई गई। कानपुर से भेजे गए 510 सैंपल की केजीएमयू की माइक्रोबायोलॉजी विभाग की लैब में जांच हुई, जिसमें तीन मरीजों के सैंपल में जीका वायरस की पुष्टि हुई है। अब कानपुर में तीन किलोमीटर में दायरे में कंटेनमेंट जोन बनाकर हर व्यक्ति की स्क्रीनिंग की जाएगी। बुखार वाले मरीजों की जीका वायरस की जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। 

महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ. वेदव्रत सिंह ने कानपुर में विशेष निगरानी के निर्देश दिए हैं। यहां पॉजिटिव पाए गए मरीज जिन इलाके में गए हैं, वहां के बारे में भी जानकारी जुटाने के लिए कहा गया है। तीन किलोमीटर के दायरे को प्रभावित क्षेत्र घोषित कर दिया गया है। इस क्षेत्र में जिन्हें भी बुखार होगा, उनकी जीका से संबंधित जांच कराई जाएगी। इसी तरह अन्य जिलों के सीएमओ व सीएमएस को बुखार के मरीजों की स्क्रीनिंग बढ़ाने, लक्षण होने पर जीका वायरस की जांच के लिए सैंपल भेजने के निर्देश दिए हैं।

हर जिले को रैपिड रिस्पांस टीम तैना करने के निर्देश

स्वास्थ्य महानिदेशक ने सभी सीएमओ को निर्देश दिया है कि तत्काल रैपिड रिस्पांस टीम तैयार कर ली जाए। जहां डेंगू जैसे लक्षण वाले मरीजों की संख्या अधिक है, वहां लोगों की डेंगू संबंधित जांच कराने के साथ ही कुछ सैंपल जीका के लिए भी भेजे जाएंगे। इस रैंडम सर्वे के जरिए यह जानकारी मिलेगी कि कहीं संबंधित इलाके में जीका का असर तो नहीं है। इसी तरह गर्भवती महिलाओं में बुखार होने पर निगरानी करने, न्यूरोलॉजिकल डिस्आर्डर होने पर निगरानी करने और जरूरत के मुताबिक जांच कराने, गुलियन बेरे सिंड्रोम (जीबीएम) के संदिग्ध मरीजों की निगरानी करने और लक्षण के आधार पर जीका वायरस की जांच कराने के निर्देश दिए हैं।

विदेश या दूसरे राज्य से आने वालों की होगी जांच

कानपुर में जीका वायरस के मरीजों की संख्या चार होने के बाद विदेश से आने वालों की स्क्रीनिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी तरह केरल सहित अन्य राज्यों से आने वालों की भी निगरानी की जाएगी। जिन लोगों में बुखार, सिरदर्द, क मजोरी, मांसपेशी व जोड़ में दर्द, आंख में लालिमा के साथ दक्षिण के राज्यों से यात्रा कर लौटने का बात सामने आएगी, उनकी जीका वायरस से जुडी जांच भी कराई जाएगी। बुखार प्रभावित इलाके में एडीज मच्छर के प्रजनन जांच अभियान, परिवारों को जागरूक करने, लार्वा नष्ट कराने के लिए दवा छिड़काव सहित अन्य गतिविधियां चलाई जाएंगी।

Source link

Leave a Comment