NEET UG Result 2021: टॉपर मृणाल ने पहले इंजीनियर, फिर सेना और उसके बाद डॉक्टर बनने का लिया फैसला

अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Tue, 02 Nov 2021 12:53 AM IST

सार

NEET UG Result 2021: मृणाल कहते हैं कि सफलता के लिए हर वक्त पढ़ाई जरूरी नहीं होती है। पहले मैंने भी टाइम टेबल बनाकर पढ़ाई शुरू की। लेकिन बाद में बोझिल होने के कारण अपने ढंग से पढ़ाई शुरू की।

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स्नातक मेडिकल परीक्षा नीट 2021 (NEET UG Result 2021) के ऑल इंडिया टॉपर मृणाल कुटेरी कहते हैं कि मैंने बचपन में इंजीनियरिंग बनने का सपा देखा था। सातवीं कक्षा के बाद मैंनें इंजीनियरिंग बनने के ख्याब देखा तो वीडियो गेम्स खेली पर उसमें कुछ मजा नहीं आया। इसके बाद भारतीय सेना में जाने की सोची और फिर सेना में डॉक्टर बनने की सोचने लगा। पर बाद में फैसला लिया कि मुझे सामान्य डॉक्टर बनना है। बस यही सोचकर तैयारी शुरू कर दी। सेल्फ स्ट्डी के साथ-साथ कोचिंग में भी तैयारी की।

मृणाल कहते हैं कि सफलता के लिए हर वक्त पढ़ाई जरूरी नहीं होती है। पहले मैंने भी टाइम टेबल बनाकर पढ़ाई शुरू की। लेकिन बाद में बोझिल होने के कारण अपने ढंग से पढ़ाई शुरू की। मैं हर 45 मिनट के बाद ब्रेक लेता था। जो विषय जल्दी से याद होता था, उसे सबसे पहले याद करता था।

ऐसे ही परीक्षा में भी जो प्रश्न पहले आते हैं, उन्हें सबसे पहले करता हूं। मृणाल कहते हैं कि मेरी मां सॉफ्टवेयर इंजीनियर तो पिता एचआर कंस्लटेंट हैं। लेकिन मैंने डॉक्टर बनकर आम लोगों की सेवा करना की सोची, ताकि दूसरों की मदद कर सकूं।

पढ़ाई के लिए अपनी हॉबी नहीं छोड़ी:
मैंने नीट में सफलता के लिए अपनी हॉबी को नहीं छोड़ा। पढ़ाई के दौरान मैंने म्यूजिक, वीडियो गेम और टीवी भी देखा है। इसका मतलब यह नहीं कि मैं सारा दिन देखता था। पढ़ाई के तनाव को दूर करने के लिए म्यूजिक में गिटार सबसे बेहतरीन माइंड फ्रेशनर की तरह रहा।

विस्तार

स्नातक मेडिकल परीक्षा नीट 2021 (NEET UG Result 2021) के ऑल इंडिया टॉपर मृणाल कुटेरी कहते हैं कि मैंने बचपन में इंजीनियरिंग बनने का सपा देखा था। सातवीं कक्षा के बाद मैंनें इंजीनियरिंग बनने के ख्याब देखा तो वीडियो गेम्स खेली पर उसमें कुछ मजा नहीं आया। इसके बाद भारतीय सेना में जाने की सोची और फिर सेना में डॉक्टर बनने की सोचने लगा। पर बाद में फैसला लिया कि मुझे सामान्य डॉक्टर बनना है। बस यही सोचकर तैयारी शुरू कर दी। सेल्फ स्ट्डी के साथ-साथ कोचिंग में भी तैयारी की।

मृणाल कहते हैं कि सफलता के लिए हर वक्त पढ़ाई जरूरी नहीं होती है। पहले मैंने भी टाइम टेबल बनाकर पढ़ाई शुरू की। लेकिन बाद में बोझिल होने के कारण अपने ढंग से पढ़ाई शुरू की। मैं हर 45 मिनट के बाद ब्रेक लेता था। जो विषय जल्दी से याद होता था, उसे सबसे पहले याद करता था।

ऐसे ही परीक्षा में भी जो प्रश्न पहले आते हैं, उन्हें सबसे पहले करता हूं। मृणाल कहते हैं कि मेरी मां सॉफ्टवेयर इंजीनियर तो पिता एचआर कंस्लटेंट हैं। लेकिन मैंने डॉक्टर बनकर आम लोगों की सेवा करना की सोची, ताकि दूसरों की मदद कर सकूं।

पढ़ाई के लिए अपनी हॉबी नहीं छोड़ी:

मैंने नीट में सफलता के लिए अपनी हॉबी को नहीं छोड़ा। पढ़ाई के दौरान मैंने म्यूजिक, वीडियो गेम और टीवी भी देखा है। इसका मतलब यह नहीं कि मैं सारा दिन देखता था। पढ़ाई के तनाव को दूर करने के लिए म्यूजिक में गिटार सबसे बेहतरीन माइंड फ्रेशनर की तरह रहा।

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